मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूं, Main Toofanon Mein Chalne Ka Aadi Hoon Kavita, Main Tufano Me Chalne Ka Aadi Hun Poem by Gopaldas Neeraj


Motivational thoughts in hindi पर आज हम पढ़ेंगे कवि गोपाल दास नीरज द्वारा रचित कविता मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूं, Main Toofanon Mein Chalne Ka Aadi Hoon Kavita, Main Tufano Me Chalne Ka Aadi Hun Poem by Gopaldas Neeraj.


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूं कविता, Main Tufano Me Chalne Ka Aadi Hun Poem by Gopaldas Neeraj -:


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


हैं फूल रोकते, काटें मुझे चलाते

मरुस्थल, पहाड़ चलने की चाह बढ़ाते

सच कहता हूँ जब मुश्किलें ना होती हैं

मेरे पग तब चलने में भी शर्माते

मेरे संग चलने लगें हवायें जिससे

तुम पथ के कण-कण को तूफ़ान करो


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


अंगार अधर पे धर मैं मुस्काया हूँ

मैं मरघट से ज़िन्दगी बुला के लाया हूँ

हूँ आँख-मिचौनी खेल चला किस्मत से

सौ बार मृत्यु के गले चूम आया हूँ

है नहीं स्वीकार दया अपनी भी

तुम मत मुझ पर न कोई एहसान करो

 

मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


श्रम के जल से राह सदा सिंचती है

गति की मशाल आंधी मैं ही हँसती है

शोलों से ही शृंगार पथिक का होता है

मंज़िल की मांग लहू से ही सजती है

पग में गति आती है, छाले छिलने से

तुम पग-पग पर जलती चट्टान धरो


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


फूलों से जग आसान नहीं होता है

रुकने से पग गतिवान नहीं होता है

अवरोध नहीं तो संभव नहीं प्रगति भी

है नाश जहाँ निर्माण वहीं होता है

मैं बसा सकूं नव-स्वर्ग “धरा” पर जिससे

तुम मेरी हर बस्ती वीरान करो


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


मैं पंथी तूफ़ानों में राह बनाता

मेरा दुनिया से केवल इतना नाता

वह मुझे रोकती है अवरोध बिछाकर

मैं ठोकर उसे लगा कर बढ़ता जाता

मैं ठुकरा सकूँ तुम्हें भी हँसकर जिससे

तुम मेरा मन-मानस पाषाण करो


मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ।

तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो।।


Thank you for reading कविता मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूं, Main Toofanon Mein Chalne Ka Aadi Hoon Kavita, Main Tufano Me Chalne Ka Aadi Hun Poem by Gopaldas Neeraj.


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