डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार, Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Quotes In Hindi, Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Thoughts in hindi

Motivational thoughts in hindi पर आज हम पढ़ेंगे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अनमोल वचन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार, Famous Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Quotes In Hindi, Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Thoughts in hindi.

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Quotes in Hindi, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार -:


~ मेरा जन्मदिन मनाने की बजाय अगर 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जायेगा तो मैं अपने आप को गौरवान्वित अनुभव करूँगा।


~ किताबें पढ़ने से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्चा आनंद मिलता है।


~ सच्चा गुरु वो है जो हमें खुद के बारे में सोचने में मदद करता है।


~ जीवन का सबसे बड़ा उपहार एक उच्च जीवन का सपना है।


~ धन, शक्ति व तकनीक केवल जीवन के साधन हैं यह जीवन नहीं है।


~ ऐसा कहा जाता है कि धर्म के बिना आदमी उस घोड़े की तरह है जिसमे पकड़ने के लिए लगाम न हो।


~ किताबें वह माध्यम है जिनके द्वारा हम दो संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण कर सकते हैं।


~ राष्ट्र, व्यक्तियों की तरह है। इसका निर्माण केवल इससे नहीं होता है कि उन्होंने क्या हासिल किया बल्कि इससे होता है कि उन्होंने क्या त्याग किया है।


~ हमारा मानवीय जीवन जैसा हम जीते हैं वह उसका कच्चा रूप है जैसा जीवन हम जी सकते हैं।


~ सचमुच ऐसा कोई बुद्धिमान नहीं है जो स्वयं को दुनिया के कामकाज से अलग रख कर इसके संकट के प्रति असंवेदनशील रह सके।


~ आध्यात्मिक जीवन भारत की प्रतिभा है।


~ धर्म डर पर जीत है और निराशा तथा मौत का विनाशक है।


~ अपने पड़ोसी से खुद की तरह प्रेम करो क्योंकि तुम खुद भी अपने पड़ोसी हो।


~ मानव की प्रकृति स्वभाविक रूप से अच्छी है और ज्ञान के फ़ैलाने से सभी बुराइयों का अंत हो जायेगा।


~ कवि के धर्म में किसी सिद्धांत के लिए कोई जगह नहीं है।


~ अच्छा टीचर वो है, जो ताउम्र सीखता रहता है और अपने छात्रों से सीखने में भी कोई परहेज नहीं दिखाता।


~ पवित्र आत्मा वाले लोग इतिहास के बाहर खड़े हो कर भी इतिहास रच देते हैं।


~ ऐसा बोला जाता है कि एक साहित्यिक प्रतिभा, सबको समान दिखती है पर उसके समान कोई नहीं दिखता है।


~ मृत्यु कभी भी एक अंत या बाधा नहीं है बल्कि यह एक नए कदम की शुरुआत है।


~ केवल ज्ञान और विज्ञान के आधार पर ही आनंद और खुशी का जीवन सम्भव है।


~ आयु या युवा समय का मापदंड नहीं है। हम जितना खुद को महसूस करते हैं हम उतने ही युवा या उतने ही बुजुर्ग हैं।


~ शिक्षा के द्वारा ही मानव के मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। इसलिए संसार को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए।


~ शिक्षक वह नहीं है जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें।


~ तकनीकी ज्ञान के अलावा हमें आत्मा की महानता को प्राप्त करना भी जरूरी है।


~ जब हम ये सोचते हैं कि हम सब जानते हैं तब हमारा सीखना बंद हो जाता है।


~ शिक्षा का परिणाम एक मुक्त रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्थितियों व प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध लड़ सके।


~ ज्ञान के द्वारा हमें शक्ति मिलती है तो वहीं प्रेम के जरिये हमें परिपूर्णता मिलती है।


~ कहा जाता है कि एक साहित्यिक प्रतिभा हर एक की तरह दिखती है लेकिन उस जैसा कोई नहीं दिखता।


~ ईश्वर की पूजा नहीं होती बल्कि उन लोगों की पूजा होती है जो उनके नाम पर बोलने का दावा करते हैं।


~ केवल निर्मल मन वाला व्यक्ति ही जीवन के आध्यात्मिक अर्थ को समझ सकता है।


~ धर्म व्यवहार है सिर्फ विश्वास नहीं।


~ आत्मा वो है जो तब भी रहती है जब सबकुछ नष्ट हो जाता है।


~ कोई भी आजादी तब तक सच्ची नहीं होती जब तक उसे विचार की आजादी प्राप्त न हो।


~ जीवन को एक बुराई के रूप में देखना और दुनिया को एक भ्रम मानना तुच्छ सोच है।


~ किसी भी धार्मिक विश्वास या राजनीतिक सिद्धांत को सत्य की खोज में बाधा नहीं देनी चाहिए।

 

~ दुनिया के सारे संगठन अप्रभावी हो जायेंगे यदि यह सत्य कि प्रेम द्वेष से शक्तिशाली होता है उन्हें प्रेरित नही करता।


~ लोकतंत्र सिर्फ विशेष लोगों के नहीं बल्कि हर एक मनुष्य की आध्यात्मिक संभावनाओं पर विश्वास है।


~ संस्कृत साहित्य एक अर्थ में राष्ट्रीय है किन्तु इसका उद्देश्य सार्वभौमिक रहा है।


~ कला मानवीय आत्मा की गहरी परतों को उजागर करती है। कला तो तभी संभव है जब स्वर्ग धरती को छुएं।


~ धन, शक्ति व तकनीक केवल जीवन के साधन हैं यह जीवन नहीं है।


~ शांति राजनीतिक या आर्थिक बदलाव से नहीं आ सकती बल्कि मानवीय स्वभाव में बदलाव से आ सकती है।


~ हमें मानवता को उन नैतिक जड़ों तक वापस ले जाना चाहिए जहाँ से अनुशासन और आजादी दोनों का उद्गम शुरू हो।


~ लोकतंत्र कुछ विशेषाधिकार रखने वाले व्यक्तियों का ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति की आध्यात्मिक संभावनाओं में एक विश्वास है।


~ धर्म डर पर विजय है, असफलता और मौत का दुशमन है।


~ देश लोगों की तरह सिर्फ जो हासिल किया उससे नहीं बल्कि जो छोड़ा उससे भी निर्मित होता है।


~ सच्चा धर्म एक क्रांतिकारी ताकत है, यह उत्पीड़न विशेषाधिकार और अन्याय का एक प्रमुख दुश्मन है।


~ मेरी महत्त्वाकांक्षा सिर्फ इतिहास लिखने की नहीं है बल्कि मन की गति को समझने व उसे व्यक्त करने की है।


~ कोई भी जो स्वयं को सांसारिक गतिविधियों से दूर रखता है और इसके संकटों के प्रति असंवेदनशील है वास्तव में बुद्धिमान नहीं हो सकता।


~ जिस तरह आत्मा किसी व्यक्ति की चेतन शक्तियों के पीछे की वास्तविकता है, उसी प्रकार परमात्मा इस ब्रह्माण्ड की समस्त गतिविधियों के पीछे का अनंत आधार है।


~ मानव का दानव बनना उसकी हार है। मानव का महामानव बनना उसका चमत्कार है। मनुष्य का मानव बनना उसकी जीत है।


~ हिन्दू धर्म सिर्फ एक आस्था नहीं है बल्कि यह तर्क और अन्दर से आने वाली आवाज़ का समागम है जिसे सिर्फ अनुभव किया जा सकता है परिभाषित नहीं।


~ घोर पापी लोगो का भी भविष्य है। यहाँ तक कि सबसे महान संत का भी अतीत रहा है। कोई भी अच्छा या बुरा नहीं है जितना कि वो सोचता है।


~ भगवान हम सबके भीतर रहता है वह महसूस करता है व कष्ट सहता है और समय के साथ उसके गुण, ज्ञान, सौन्दर्य और प्रेम हममें से हर एक के अन्दर उजागर होंगे।


Thank you for reading डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अनमोल वचन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार, Famous Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Quotes In Hindi, Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Thoughts in hindi.

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